Eid 2026 Date: आज या कल? ईद को लेकर कन्फ्यूजन क्यों, केरल-तमिलनाडु में आज जश्न की असली वजह जानिए
Eid 2026 Date: ईद उल फितर 2026 तारीख भ्रम भारत अधिकांश कल केरल तमिलनाडु आज जश्न चांद दिखने वजह अलग अलग दिन मनाई जाएगी
Eid 2026 Date: ईद-उल-फितर 2026 को लेकर इस बार पूरे देश में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। जहां एक ओर भारत के अधिकांश हिस्सों में ईद कल मनाई जाएगी, वहीं केरल और तमिलनाडु में आज ही ईद का जश्न शुरू हो गया है। आखिर ऐसा क्यों हुआ, इसके पीछे की वजह चांद के दिखने से जुड़ी है।
ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जिसे रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद मनाया जाता है। ‘ईद’ का अर्थ खुशी और ‘फितर’ का मतलब रोजा खोलना होता है। इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं और आपसी भाईचारे व खुशियों का संदेश देते हैं।
तारीख में अंतर क्यों?
इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा के अनुसार चलता है, इसलिए ईद का त्योहार शव्वाल के चांद के दिखने पर निर्भर करता है।
• 19 मार्च को भारत के ज्यादातर हिस्सों में चांद दिखाई नहीं दिया
• इसलिए देश के अधिकतर राज्यों में ईद अगले दिन मनाई जाएगी
• लेकिन केरल और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में उसी दिन चांद नजर आ गया
यही कारण है कि दक्षिण भारत के इन राज्यों में ईद एक दिन पहले मनाई जा रही है।
खाड़ी देशों का क्या है रोल?
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में चांद पहले दिखाई देता है, इसलिए वहां ईद भारत से एक दिन पहले मनाई जाती है। केरल और तमिलनाडु के कई मुस्लिम समुदाय खाड़ी देशों के चांद देखने के फैसलों का भी पालन करते हैं, जिससे वहां ईद की तारीख अलग हो सकती है।
ईद-उल-फितर की शुरुआत कैसे हुई?
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, ईद-उल-फितर की शुरुआत 624 ईस्वी में हुई थी। पैगंबर मुहम्मद ने मदीना में इस त्योहार की परंपरा शुरू की थी। उन्होंने बताया था कि मुसलमानों के लिए दो प्रमुख त्योहार है-
• ईद-उल-फितर
• ईद-उल-अजहा
खुशियों और भाईचारे का पर्व
ईद के दिन लोग नमाज अदा करते हैं, जरूरतमंदों को जकात और फितरा देते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं। यह त्योहार सामाजिक सद्भाव और एकता का प्रतीक है। कुल मिलाकर, ईद की तारीख में यह अंतर पूरी तरह चांद के दिखने पर निर्भर करता है, जो अलग-अलग स्थानों पर अलग समय पर दिखाई देता है।
Shagun Chaurasia